Business News

जनता को महंगा पेट्रोल-डीजल बेचकर सरकार भर रही है अपनी जेब, दुनिया मेें सबसे ज्‍यादा हैै भारत मेें टैक्स



Photo:GOOGLE

India now has the highest taxes on fuel in the world


नई दिल्‍ली। एक ओर कोरोना वायरस संकट से लोगों की नौकरियां जा रही हैं। वेतन में कटौती हो रही है और कारोबार ठप पड़े हैं। वहीं दूसरी ओर सरकारी तेल विपणन कंपनियां लगातार पेट्रोल-डीजल के दाम इजाफा कर रही हैं। देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का भाव 80.43 रुपए प्रति लीटर और डीजल का दाम 80.53 रुपए प्रति लीटर है। दोनों प्रमुख ईंधन का बेस प्राइस क्रमश: 24.92 रुपए लीटर और 27.03 रुपए प्रति लीटर है। दिल्ली में 24.92 रुपए बेस प्राइस वाला पेट्रोल कैसे 80.43 रुपए लीटर और 27.03 रुपए बेस प्राइस वाला डीजल 80.53 रुपए बिक रहा है।  इसे जानने के लिए इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर उपलब्ध प्राइस बिल्डअप यानी कीमतों के घटकों पर नजर डालने से सारा मामला खुल जाता है।

पेट्रोल का बेस प्राइस 24.92 रुपए प्रति लीटर है। इस पर 33 पैसे प्रति लीटर की दर से भाड़ा चुकाने के बाद 25.25 रुपए प्रति लीटर में यह पेट्रोल पंप को उपलब्ध होता है। इस पर एक्साइज ड्यूटी 32.98 रुपए प्रति लीटर है। डीलर का औसत कमीशन 3.64 रुपए लीटर और मूल्य वर्धित कर (वैट) 18.56 रुपए लीटर लगने के बाद पेट्रोल का खुदरा बिक्री मूल्य 80.43 रुपए लीटर हो जाता है।

India now has the highest taxes on fuel in the world

India now has the highest taxes on fuel in the world

इसी प्रकार, डीजल का बेस प्राइस 27.03 रुपए प्रति लीटर है। इस पर 30 पैसे प्रति लीटर की दर से भाड़ा चुकाने के बाद 27.33 रुपए लीटर की दर पर डीजल डीलर को उपलब्ध होता है। इस पर एक्साइज ड्यूटी 31.83 रुपए प्रति लीटर है। डीलर का औसत कमीशन 2.54 रुपए लीटर और मूल्य वर्धित कर (वैट) 18.83 रुपए लीटर लगने के बाद डीजल का खुदरा बिक्री मूल्य 80.53 रुपए लीटर हो जाता है। दिल्ली में पेट्रोल के दाम 80.43 रुपए प्रति लीटर में 51.54 रुपए प्रति लीटर टैक्स लगता है। इसी प्रकार डीजल के दाम 80.53 रुपए प्रति लीटर में 50.66 रुपए प्रति लीटर टैक्स लगता है।

तेल कंपनियां जून 2017 के बाद से दैनिक आधार पर कीमतों की समीक्षा कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोरोना वायरस महामारी के कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का लाभ उठाने और अतिरिक्त संसाधन जुटाने के इरादे से सरकार ने 14 मार्च को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। उसके बाद तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने कीमतों की दैनिक समीक्षा रोक दी थी। उसके बाद सरकार ने फिर पांच मई को पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिए। इस दो बार की वृद्धि से सरकार को 2 लाख करोड़ रुपए  के अतिरिक्त कर राजस्व प्राप्त हुआ।



Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close
Close