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देश की बहादुर बेटी ज्योति कुमारी को दिल्ली से आया कॉल, पूछा- रेस करोगी, दिया क्यूट जवाब


CFI Called Brave Girl Jyoti Kumari For Trials: भारतीय साइकिलिंग महासंघ (CFI) ने अपना वादा निभाते हुए देश की बहादुर बेटी ज्योति कुमारी (Jyoti Kumari) को ट्रायल के लिए संपर्क किया है। इसका खुलासा ज्योति ने किया।

Edited By Nityanand Pathak | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

पिता के साथ ज्योति कुमारी।

नई दिल्ली

देश की बहादुर बेटी ज्योति कुमारी लॉकडाउन में अपने पिता मोहन पासवान को साइकिल पर बिठाकर एक हजार किमी से ज्यादा (लगभग 1200 किमी) की दूरी आठ दिन में तय करके गुरुग्राम से बिहार के दरभंगा पहुंच गई थीं। ज्योति ने रोजाना 100 से 150 किमी साइकिल चलाई। इसके बाद उनके वीडियोज दुनियाभर में वायरल हो रहे हैं। दूसरी ओर भारतीय साइकिलिंग महासंघ (CFI) ने उनके टैलेंट का परखते हुए बड़ा ऑफर दिया है।

असोसिएशन चाहता है कि वह दिल्ली आएं और ट्रायल दें, जिससे कि उनकी ट्रेनिंग और उनकी स्किल्स को निखारा जा सके। इस संबंध में महासंघ से किसी ने ज्योति को कॉल भी किया था। इस बारे में ज्योति ने एबीपी को दिए इंटरव्यू में बताया, ‘मुझे दिल्ली से फोन (चहकते हुए) आया था। उन्होंने पूछा बेटी दिल्ली आकर साइकिल रेस में भाग लेना है। हम बोले अभी नहीं कर सकते, क्योंकि मैं पूरी तरह से थकी हुई हूं।’

लॉकडाउन के बाद ट्रायल

  • लॉकडाउन के बाद ट्रायल

    असोसिएशन चाहता है कि ज्योति लॉकडाउन के बाद ट्रायल दें और ट्रेनिंग लेकर इंटरनैशनल लेवल पर देश का नाम रौशन करें। कोरोना वायरस के खत्म होने के बाद इस साहसी बेटी पर लोगों की निगाहें होंगी। हालांकि, पिछले एक वर्ष की बात करें तो इस तरह का यह पहला मामला नहीं है, जबकि किसी के सोशल मीडिया पर पॉपुलर होने के बाद खेल संगठन ट्रायल लेने के लिए आगे आया है। पिछले एक वर्ष की बात करें तो कई ऐसी प्रतिभाएं सामने आई हैं।

  • ​मध्य प्रदेश के रामेश्वर गुर्जर

    रामेश्वर गुर्जर 2019 में उस वक्त सुर्खियों में आए जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (उस वक्त वह सत्ता में नही थे) ने उनका एक विडियो ट्वीट करते हुए खेल मंत्री किरण रिजिजू से उन्हें मदद की गुहार लगाई थी। इस विडियो में दावा किया गया था कि गुर्जर 11 सेकंड में 100 मीटर दौड़ पूरी कर रहे हैं। इसके बाद खेल मंत्री ने उन्हें मदद का आश्वासन दिया और भोपाल के टीटी नगर स्टेडियम में ट्रायल के लिए बुलाया, जहां वह प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर पाए। हालांकि, खेल मंत्री ने कहा कि उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी।

  • कर्नाटक के श्रीनिवास गौड़ा

    श्रीनिवास गौड़ा पैडी हैं, जो एक बफेलो रेस (भैंसा दौड़) में भैंसे के साथ दौड़ रहे थे। फरवरी, 2020 में वायरल वीडियोज में दावा किया गया कि श्रीनिवास ने 100 मीटर की रेस महज 9.55 सेकंड में ही पूरी कर दी, जबकि 142.50 मीटर की दूरी 13.62 सेकंड में पूरी की। रोचक बात यह है कि 9.55 सेकंड का समय वर्ल्ड रेकॉर्ड से भी बेहतर है। 100 मीटर की फर्राटा सबसे कम समय में पूरी करने का रेकॉर्ड जमैका के उसेन बोल्ड के नाम है, जिन्होंने इसे 2009 में 9.58 सेकंड में पूरा कर लिया था। उनकी तुलना बोल्ट से होने लगी तो उन्हें भी खेल मंत्री किरण रिजिूजू ने मौका देने की बात कही है।

  • ​कर्नाटक के निशांत शेट्टी

    श्रीनिवास के बाद एक और नाम निकलकर सामने आया। वह थे निशांत शेट्टी। निशांत ने वेनुर में सूर्य चंद्र कम्बाला में महज 9.52 सेकंड में ही 100 मीटर की दूरी तय कर दी, जो गौड़ा से करीब .03 सेकंड कम थी। हग्गा-हीरिया कैटिगरी में निशांत ने 143 मीटर की दूरी 13.61 सेकंड में पूरी की जिसमें शुरुआती 100 मीटर तो 9.52 सेकंड में ही पूरे कर लिए। रोचक बात यह है कि इसी रेस में अक्केरी सुरेश शेट्टी और इरवाथुरु आनंद ने 9.57 सेकंड में 100 मीटर की दूरी तय की थी।

लगभग 15 वर्षीय ज्योति ने क्यूट जवाब देते हुए कहा- फिलहल मेरे हाथ पैर दर्द कर रहे हैं। मैं नहीं कर पाऊंगी तो उन्होंने कहा ठीक है बेटा। अभी नहीं। हम तुम्हें एक-दो महीने का समय दे रहे हैं। हम तुम्हें लेने आएंगे। अगर तुम रेस में जीत जाओगी तो वहीं पर तुमका रखेंगे। बता दें कि CFI के निदेशक वीएन सिंह (VN Singh) ने ज्योति (Jyoti) को बड़ा ऑफर दिया है। असोसिएशन ने उन्हें ‘क्षमतावान’ करार देते हुए कहा कि हम ज्योति को ट्रायल का मौका देंगे और अगर वह सीएफआई के मानकों पर थोड़ी भी खरी उतरती हैं तो उन्हें विशेष ट्रेनिंग और कोचिंग मुहैया कराई जाएगी।

पढ़ें: लॉकडाउन में 1200 km साइकिल चलाई, मिला ऑफर

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप भी उन लोगों में हैं जो भारत में पारिवारिक प्रेम की एक झलक पाकर गदगद हैं। उन्होंने ट्विटर पर उस लड़की की स्टोरी शेयर की है जो गुरुग्राम में फंसे अपने पिता को साइकिल पर बिठाकर अपने घर बिहार के दरभंगा ले गई। उन्होंने ट्वीट किया, ’15 साल की ज्योति कुमारी ने अपने जख्मी पिता को साइकिल से सात दिनों में 1,200 किमी दूरी तय करके अपने गांव ले गई। यह भारतीयों की सहनशीलता और उनके अगाध प्रेम की भावना का परिचायक है।’

गुरुग्राम से पिता को साइकल से बिहार ले जाकर ज्योति ने इवांका को बनाया दीवाना, जानें इनके दिल की बातगुरुग्राम से पिता को साइकल से बिहार ले जाकर ज्योति ने इवांका को बनाया दीवाना, जानें इनके दिल की बातअपने पिता को साइकल पर बिठाकर गुरुग्राम से बिहार के दरभंगा अपने घर पहुंची 15 साल की ज्योति लगातार सुर्खियों में हैं। ज्योति ने 7 दिनों में गुरुग्राम से दरभंगा तक 1200 किलोमीटर का सफर ​साइकल से तय किया। ज्योति के इस साहसिक कदम को देखते हुए भारतीय साइकिलिंग फेडरेशन ने उन्हें ट्रायल के लिए दिल्ली बुलाया है। यही नहीं ज्योति की मदद के लिए और कई हाथ उठने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने भी ज्योति के इस कदम को सराहा है। वहीं इस साहसिक कदम को लेकर ज्योति से नवभारत टाइम्स ने बात की। ज्योति ने बताया कि 8 मई को वो गुरुग्राम से चले थे और 15 मई को बिहार पहुंच गए। इस दौरान रास्ते में लोग खाने-पीने को दे रहे थे।ज्योति ने बताया कि पापा ने भी साइकल से जाने के लिए मना किया लेकिन हमने कहा कि नहीं पापा हम आपको ले चलेंगे। यहां आने पर हमें 20 हजार रुपये दिया गया, साथ ही कहा गया कि पढ़ाई का खर्चा उठाएंगे। दिल्ली से भी फोन आया, उन्होंने साइकल पर रेस लगाने के लिए कहा, लेकिन मैंने कहा कि अभी मैं रेस नहीं लगा सकती हूं, मुझे थोड़ा समय चाहिए तो उन्होंने मुझे एक महीने का समय दिया है। ज्योति ने बताया कि उन्होंने फोन पर कहा कि वो मुझे वहीं पर रखेंगे और वहीं पढ़ाएंगे-लिखाएंगे। हम पढ़ना भी चाहते हैं। मेरी पूरी इच्छा है कि मैं साइकल पर रेस लगाऊं। मैं कुछ बनना चाहती हूं। लगातार हो रही तारीफ से अच्छा लग रहा है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दिन आएगा।

Web Title cfi called brave girl jyoti kumari for trials, know what she said(News in Hindi from Navbharat Times , TIL Network)

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