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पहले महीने में 80 प्रतिशत लोग कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं दिखाते हैं – स्टडी


कोरोना वायरस ने दुनियाभर में डर पैदा कर दिया है। इतना डर कि अगर किसी को छींक या खांसी आए तो मन में तरह-तरह के वहम पैदा हो जाते हैं। किसी भी बीमारी के लिए उसके लक्षणों का पता चल जाए तो इलाज आसान हो जाता है, लेकिन यहां कोरोना वायरस के मामले में बिना लक्षण वाले व्यक्ति जरूरी नहीं कि स्वस्थ हों। वे साइलेंट पेशेंट हैं, जिनमें कोई भी लक्षण नजर नहीं आता, लेकिन बीमारी फैला रहे हैं। इन दो महीनों में दुनियाभर के लोगों को कोरोना संक्रमण के लक्षणों के बारे में अच्छी-खासी जानकारी हो गई है। मसलन –  सर्दी-खांसी, बुखार से लेकर दस्त, सिरदर्द और सूंघने की क्षमता तक। इस बीच, चिंताजनक खबर यह है कि उन लोगों की संख्या कम नहीं है जो कि संक्रमित हैं, लेकिन लक्षण बिल्कुल दिखाई नहीं देते। विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले दावा कर चुका था कि ऐसे मामले अपवाद हैं, लेकिन बाद में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने अपने शोध में कुछ अलग ही खुलासा किया। उन्होंने शोध में बताया कि लगभग एक चौथाई कोरोना संक्रमित किसी तरह के लक्षण नहीं दिखाते हैं। वहीं अमेरिकन कम्यूनिटी डिसीज सेंटर (सीडीसी) के हाल ही में किए अध्ययन में कहा गया है कि पहले महीने में 80 प्रतिशत लोग कोई लक्षण नहीं दिखाते हैं।
 
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने स्पष्ट किया है कि बिना लक्षण वाले मरीज अनजाने में कोरोना संक्रमण फैला रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना की जांच करने के बाद ही 40 प्रतिशत ऐसे मामले पकड़े जा रहे हैं। खास बात यह है कि 20 से 60 साल आयु वर्ग के संक्रमित लोगों में लक्षण दिखने में समय लग रहा है।
 
कई मामलों में संक्रमण के लक्षण दिखने में लंबा समय लगता है, जब तक कि इसका वायुमार्ग पूरी तरह से संक्रमित नहीं होता है। खांसी और छींक जैसे बाहरी लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। चीन, जर्मनी और स्पेन में किए गए प्रारंभिक शोध में कहा गया है कि कुछ रोगी लक्षण नहीं दिखाते हैं। ऐसे रोगी कभी बीमार भी नहीं पड़ते।
 
अमेरिका ने माना है कि बिना लक्षण वाले रोगी यानी साइलेंट पेशेंट संक्रमण फैलाने के लिए बड़े पैमाने पर जिम्मेदार हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने दावा किया कि आधे लोग संक्रमित साइलेंट पेशेंट के कारण ही हुए हैं। मार्च तक जितने संक्रमण फैले हैं, उसमें बिना लक्षण वाले रोगियों की भूमिका है।
 
www.myupchar.com  से जुड़े डॉ. अजय मोहन का कहना है कि कोविड-19 किसी व्यक्ति में कई स्थितियों में रह सकता है, जिसमें ऐसे मरीज जिनमें कोई लक्षण न दिखें, ऐसी स्थिति जिसमें मरीज में कुछ ही लक्षण नजर आएं। एक ऐसी स्थिति जिसमें हल्के से मध्यम लक्षण हों या गंभीर रूप से लक्षण नजर आते हों। इस बीमारी के लक्षण ग्रैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं, फ्लू से मिलते-जुलते लक्षण से लेकर गंभीर श्वसन संबंधी लक्षण और निमोनिया भी हो सकता है। हल्के लक्षणों में थकान, बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश, सांस में तकलीफ, मांसपेशियों में दर्द, नाक बंद होना, सिर दर्द शामिल है। दुर्लभ मामलों में जी मचलना, उल्टी और दस्त भी दिख सकते हैं। कोविड-19 के गंभीर मामलों में किसी व्यक्ति को बुखार और सांस लेने की तकलीफ के साथ निमोनिया भी हो सकता है।
अधिक जानकारी के लिए देखें : https://www.myupchar.com/disease/covid-19/mild-and-serious-symptoms
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