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प्रोटेक्ट्स को ऑनलाइन बेचने के लिए बनाए ई-कॉमर्स पोर्टल, शॉपमैटिक करेगा आपकी मदद


प्रोटेक्ट्स को ऑनलाइन बेचने के लिए बनाए ई-कॉमर्स पोर्टल, शॉपमैटिक करेगा आपकी मदद- India TV Paisa

प्रोटेक्ट्स को ऑनलाइन बेचने के लिए बनाए ई-कॉमर्स पोर्टल, शॉपमैटिक करेगा आपकी मदद


नई दिल्ली: ग्राहकों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए आजकल सभी स्टार्टअप को ऑनलाइन उपलब्धता सुनश्चित करनी होती है। अपने उत्पादों को ऑनलाइन बेचने के लिए ई-कॉमर्स पोर्टल बनाने की जरूरत होती है। यहीं पर शॉपमैटिक.कॉम जैसी वेबसाइट मदद करती है। दिसंबर 2014 में अनुराग अवुला, येन लिम और क्रिस शेन द्वारा द्वारा स्थापित शॉपमैटिक.कॉम मुख्य तौर पर सिंगापुर आधारित है और गुरुग्राम व बेंगलुरु में इसके कॉर्पोरेट ऑफिस हैं।

ईकोस्ट्रक्चर बनाना

शॉपमैटिक अपने ग्राहकों को बिज़नेस के लिए यूजर-फ्रेंडली वेबपेज बनाने में मदद करती है। शॉपमैटिक ऐसे बिज़नेस को सहायता प्रदान करती है, जो ऑनलाइन उत्पाद बेचना चाहते हैं और ई-कॉमर्स बिज़नेस स्थापित करना चाहते हैं। यह व्यापारियों के लिए पूरा ऑनलाइन ईकोस्ट्रक्चर तैयार करती है। जिसमें टेम्पलेट बनाने से लेकर, पेमेंट जोड़ने, शिपिंग, मार्केटिंग और सेलिंग के साथ-साथ उनके लिए सोशल मीडिया मैनेज करने का काम शामिल है। यह छोटे बिज़नेस और आंत्रप्रेन्योर दोनों को सुविधा मुहैया कराती है।

यदि किसी आंत्रप्रेन्योर के पास आइडिया है, लेकिन अपना प्रोडक्ट ऑनलाइन बेचने के लिए उसके पास टेक्नोलॉजी का अभाव है, तो शॉपमैटिक.कॉम की मदद से वो अपना बिज़नेस ऑनलाइन कर सकते हैं। शॉपमैटिक के भारत में दो प्रोडक्ट उपलब्ध हैं। जिसमें से एक गोशॉपमैटिक.कॉम है, जो ग्राहकों को 3 मिनट से भी कम समय में  वेबसाइट बनाने में मदद करता है।

फ्री प्लेटफॉर्म

वेबसाइट बनाने के लिए यह एक फ्री प्लेटफॉर्म है। एक अन्य प्रोडक्ट शॉपमैटिक प्रो है। इसमें ग्राहकों को टेम्पलेट चुनने, अपना डोमेन नेम बनाने, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पेमेंट स्वीकार करने, देश और विदेश दोनों में शिपिंग को प्रोत्साहन और भारत में एक से ज्यादा प्लेटफॉर्म जैसे एमेजॉन या ईबे में प्रोडक्ट बेचने की सुविधा देता है। शॉपमैटिक.कॉम सेल्स के लिए कई माध्यम मुहैया करवाता है। ये अपने ग्राहकों को फेसबुक स्टोर मैनेज करने में भी मदद करते हैं। भारत में कई लोग ऑनलाइन बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, लेकिन सही जानकारी और संसाधनों के अभाव के कारण वे ऐसा नहीं कर पाते हैं।



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