Health News

बिना लक्षण वाले कोरोना को न करें नजरअंदाज, इस अंग को हो सकता है गंभीर नुकसान


नई दिल्ली: ऐसे मरीज जिनमें COVID-19 के लक्षण नहीं हैं, वह इस बीमारी से जल्दी ठीक हो जा रहे हैं. यहां तक कि बिना लक्षण वाले (Asymptomatic) ज्‍यादातर मरीजों को हॉस्पिटल में भर्ती होने की भी जरूरत नहीं पड़ रही. लेकिन इसी बीच ऐसे मरीजों के लिए हैरान करने वाली खबर आई है. 

एक नई रिसर्च में सामने आया है कि कोरोना के लक्षण न होने के बाद भी यह वायरस शरीर को खासा नुकसान पहुंचा रहा है. 

कोरोना के ऐसे ही मामले को लेकर एक डॉक्टर ने जानकारी दी कि कोविड-19 के एक मरीज का पूरी एहतियात के साथ इलाज करने बाद भी मौत हो गई. एक अन्‍य मामले में ऐसे मरीज को वेंटिलेटर पर रखना पड़ गया जो दिखने में बिल्कुल ठीक लग रही थी, लेकिन उसका ब्लड ऑक्सीजन लेवल बहुत कम था. डॉक्टर भी ये देखकर हैरान थे कि ये लड़की होश में कैसे है.

ये भी पढ़ें: मां के कोख में भी बच्चे को हो सकता है कोरोना? जानें डॉक्टरों ने क्या कहा

फेंफड़ों को हो रहा है नुकसान 
बिना लक्षण वाले मरीजों को लेकर चीन के वुहान (Wuhan) में हुई रिसर्च में सामने आया कि इन मरीजों के फेंफड़ों (Lungs) में संक्रमण था. ये संक्रमण इतना खतरनाक था, जो कोरोना के गंभीर मामलों में भी नहीं था. इन दोनों मरीजों के फेंफड़ों के सीटी स्‍कैन में खासा अंतर था. 

ऐसे में चिंता की बात ये है कि बिना लक्षण वाले कोरोना के मरीज ज्‍यादा तादाद में हैं. उनमें निमोनिया या सांस लेने में परेशानी के लक्षण नहीं दिखते लेकिन फेंफड़ों को गंभीर नुकसान हो जाता है. 

बिना लक्षण वाले कोरोना में है ज्‍यादा जोखिम 
एक तो लक्षणों का न दिखना पहले ही इस बीमारी के जोखिम को बढ़ा देता है क्‍योंकि अनजाने में ही संक्रमित व्‍यक्ति अन्‍य लोगों में इसका संक्रमण फैला सकता है. उस पर फेंफड़ों या अन्‍य किसी अंग को हो रहे नुकसान का इलाज नहीं हो पाता क्‍योंकि इसके बारे में मरीज और यहां तक कि डॉक्‍टर को भी खबर नहीं लगती या लगती है तो तब तक देर हो चुकी होती है. लिहाजा ऐसे मामलों में रोगी की अचानक मृत्‍यू या अंगों को बड़ी क्षति होने का खतरा अधिक है. 



Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close
Close