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ब्रिटेन में मरने वालों की संख्या 40 हजार के पार, यहां 52.14 लाख लोगों की जांच पूरी; अब तक 67.67 लाख संक्रमित


  • दुनिया में अब तक 3 लाख 95 हजार 187 लोगों की मौत, जबकि 32.97 लाख ठीक हुए
  • अमेरिका में 19.33 लाख से ज्यादा संक्रमित, 1 लाख 10 हजार 520 लोगों की मौत हुई

दैनिक भास्कर

Jun 06, 2020, 12:58 AM IST

वॉशिंगटन. दुनिया में संक्रमितों का आंकड़ा 67 लाख 67 हजार 303 हो गया है। कुल 32 लाख 97 हजार 237 लोग स्वस्थ हुए। 3 लाख 95 हजार 187 लोगों की मौत हो चुकी है। ब्रिटेन में मरने वालों की संख्या 40 हजार 261 हो चुकी है। यहां एक दिन में 357 लोगों की जान गई है। शुक्रवार तक देश में 52 लाख 14 हजार 277 लोगों की जांच हो चुकी थी। वहीं, देश में संक्रमण के अब तक 2 लाख 83 हजार 311 मामले सामने आ चुके हैं।

कोरोनावायरस : 10 सबसे ज्यादा प्रभावित देश

देश

कितने संक्रमित कितनी मौतें कितने ठीक हुए
अमेरिका 19,33,527 1,10,520 7,12,872 
ब्राजील 6,21,877 34,212  2,88,652 
रूस  4,49,834   5,528 2,12,680
स्पेन  2,88,058 27,134 उपलब्ध नहीं
ब्रिटेन  2,83,311 40,261  उपलब्ध नहीं
भारत 2,35,769 6,641 1,12,967
इटली 2,34,531 33,774 1,63,781
जर्मनी 1,85,354 8,758 1,68,500
पेरू  1,83,198 5,031  76,228
तुर्की 1,68,340 4,648 1,33,400

ये आंकड़े https://www.worldometers.info/coronavirus/ से लिए गए हैं।

सऊदी अरब: जेद्दा शहर में 15 दिन तक कर्फ्यू

सऊदी अरब ने शुक्रवार को घोषणा की कि जेद्दा शहर में दिन के 3 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगाया जाएगा। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए शनिवार से अगले 15 दिन तक यह नियम लागू रहेगा। सऊदी की सरकार मीडिया सऊदी प्रेस एजेंसी ने यह जानकारी दी। 15 दिनों तक मस्जिदों में नमाज पढ़ने और ऑफिस जाने पर भी रोक रहेगी। इस दौरान रेस्टोरेंट और कैफे भी बंद रहंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, शुक्रवार को देश में 2591 नए मामले सामने आए हैं। इनमें जेद्दा में सबसे ज्यादा 459 केस मिले हैं। देश में अब तक 95 हजार 748 मरीज मिल चुके हैं।

सऊदी अरब के एक मस्जिद में सोशल डिस्टेंसिंग के तहत नमाज अदा करते लोग।

ब्रिटेन: दवा के ट्रायल पर रोक लगा दी

रिसर्चर्स ने कोरोना को लेकर हाइड्रॉक्सीक्लोरक्लोरोक्वीन की दवा के ट्रायल पर रोक लगा दी है। शोधकर्ताओं ने शुक्रवार को घोषणा की कि इसके असर के कोई सबूत नहीं मिले हैं। इस कारण इसका ट्रायल रोक दिया गया है। वहीं, 1542 मरीजों पर हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का ट्रायल किया कया जा रहा था, जबकि 3132 का सामान्य इलाज चल रहा था।

न्यूयॉर्क: एक दिन में 42 मौतें

न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू क्यूमो ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में एक दिन में 42 लोगों की मौत हुई है। जब से महामारी की शुरुआत हुई है तब से यह सबसे कम आंकड़ा है। आठ हफ्ते पहले तक राज्य में हर दिन 800 तक मौतें होती थीं। अब अस्पताल में भर्ती मरीजों में भी कमी आ रही है। क्यूमो ने अपनी आदतों में बदलाव के लिए लोगों की सराहना की।

न्यूयॉर्क में सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करते हुए डोमिनो पार्क में बैठे लोग।

पाकिस्तान: 4896 नए संक्रमित मिले
पाकिस्तान में शुक्रवार को 4896 संक्रमित मिले हैं। इसके साथ ही देश में मरीजों की संख्या 89,249 हो गई है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि 1 लाख 75 हजार वोलेंटियर्स ने कोरोना क रेकने के लिए सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को लागू कराने में मदद की है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 24 घंटे में 68 लोगों की जान गई है। यहां मरने वालों की संख्या 1,838 हो चुकी है। ईद की छुट्टियों के बाद शुक्रवार लगातार तीसरा दिन था, जब रिकॉर्ड मामले दर्ज किए गए।

कराची के एक कमर्शियल इलाके में जुमे की नमाज अदा करते लोग। इस दौरान सड़क को बंद कर दिया गया है। सरकार ने यहां लॉकडाउन प्रतिबंध में ढील दी है।

भारत में इटली से ज्यादा केस हुए

भारत में संक्रमण के मामले यूरोप में कोरोना का एपिसेंटर रहे इटली से ज्यादा हो गए हैं। अब भारत इटली को पीछे कर छठे स्थान पर आ गया है। इटली में संक्रमण के 2 लाख 34 हजार 531 मामले हैं, जबकि भारत में संक्रमितों की संख्या 2 लाख 35 हजार 769 हो गए हैं। इटली में जहां संक्रमण की रफ्तार में कमी आई है, वहीं भारत में मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।

जर्मनी के कई शहरों में सेवा देने वाले प्रिस्ट संक्रमित

जर्मनी के अधिकारियों ने कहा कि कोरोना संक्रमित एक प्रिस्ट अलग-अलग शहरों में चर्च में सेवा देने के दौरान कई लोगों के संपर्क में आया। देश की डीपीएन न्यूज एजेंसी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। प्रिस्ट के संपर्क में आए एक युवक में संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं, कई और लोगों की रपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। शनिवार तक 130 लोगों के रिजल्ट आएंगे, जबकि 12 लोगों को सेल्फ आइसोलेट होने के लिए कहा गया है।

जर्मनी के उत्तरी-राइन वेस्टफेलिया के संघीय राज्य प्रमुख आर्मिन लैशेट शुक्रवार को एक टेस्टिंग यूनिट में निरीक्षण करने पहुंचे।

फिजी: कोरोना मुक्त घोषित
फिजी ने खुद को कोरोनावायरस से मुक्त घोषित कर लिया है। यहां संक्रमित मिले 18 लोग अब पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। प्रधानंमत्री फ्रैंक बैनिमारमा ने शुक्रवार को कहा कि दक्षिण प्रशांत महासागरिय देश में अंतिम संक्रमित व्यक्ति भी ठीक हो गया।उन्होंने ट्वीट किया- पिछले 45 दिन से यहां संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है। न ही कोई मौत हुई है। हमारे यहां रिकवरी रेट भी 100% है। फिजी प्रशांत महासागर के उन कुछ देशों में शामिल था, जहां संक्रमण की पुष्टि हुई थी।

युगांडा: प्रधानमंत्री सेल्फ आइसोलेट
युगांड के प्रधानमंत्री रुहाकाना रुगुंडा शुक्रवार को सेल्फ आइसोलेशन में चले गए। उनके साथ काम करने वाले कुछ लोग कोरोना संक्रमित मिले, जिसके बाद उन्होंने ऐसा कदम उठाया। उन्होंने कहा कि मेरी रिपोर्ट निगेटिव आई है। वे युगांडा के कोरोना टास्क फोर्स के भी प्रमुख हैं। यहां सभी कैबिनेट मंत्रियों का भी टेस्ट किया जाएगा, क्योंकि वे दिनभर में कई लोगों से मुलाताक करते हैं।

रूस: कुछ बंदिशें हटेंगी
राजधानी मॉस्को समेत देश कुछ हिस्सों में स्थानीय प्रशासन 1 जून से चुनिंदा बंदिशें हटा सकेंगे। मॉस्को में कुछ सेक्टर्स को खोलने की मंजूरी दी गई है। हालांकि, रेस्टोरेंट्स और दूसरे फूड जोन बंद रहेंगे। लोगों को तय वक्त पर घर से बाहर टहने की इजाजत भी दी जाएगी। रूस सरकार वैक्सीन का परीक्षण पेड वॉलेंटियर्स पर करेगी। यानी जिन पर वैक्सीन का ट्रायल किया जाएगा, उन्हें इसके बदले पैसे दिए जाएंगे। शुक्रवार को यहां 8726 मामले सामने आए। कुल मामले 4 लाख 49 हजार 834 हो गए हैं।

मॉस्को समेत कुछ शहरों में 1 जून से सरकार पाबंदियों में ढील देने जा रही है। इसके अलावा लोगों को मेडिकल वर्कर यह बता रहे हैं कि जरूरी सावधानियां किस तरह बरती जाएं। इसके तहत सही तरीके से मास्क लगाना और कर्मचारियों को ग्लव्स पहनना भी बताया जा रहा है।

इंडोनेशिया: मस्जिदें खुलेंगी 
राजधानी जकार्ता में 9 हफ्ते बाद मस्जिदें खुलीं। सरकार ने इसके लिए सशर्त मंजूरी दी है। सरकार ने गाइडलाइंस में साफ कर दिया है कि मस्जिदों की क्षमता से आधे ही लोग आ सकेंगे। हर व्यक्ति का टेम्परेचर चेक किया जाएगा। परिसर को हर बार सैनिटाइज करना जरूरी होगा। इस दौरान पुलिस और इमाम यह तय करेंगे कि सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन हो। इंडोनेशिया में अब तक 28 हजार 818 मामले सामने आ चुके हैं। कुल 1721 संक्रमितों की मौत हो चुकी है।

इंडोनेशिया के एक अस्पताल में आराम करते स्वास्थ्कर्मी। यहां अब तक 1721 लोगों की मौत हो चुकी है।

ब्राजील: बढ़ती मुश्किल
24 घंटे में यहां 1473 और संक्रमितों की मौत हो गई। इसके साथ ही मरने वालों का आंकड़ा 34 हजार 021 हो गया। खास बात ये है कि मरने वालों की सूची में अब ब्राजील इटली से आगे हो गया है। संक्रमण के मामलों में ब्राजील पहले ही अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है। यहां 6 लाख से ज्यादा मामले हो चुके हैं। कुल मौतों के मामले में ब्राजील अमेरिका और ब्रिटेन के बाद तीसरे स्थान पर आ गया है। सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा- हम जानते हैं कि संक्रमण बढ़ रहा है। लेकिन, सरकार अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है कि लोगों को इससे बचाया जाए। 

ब्राजील के साओ पाउलो शहर में डोर टू डोर सर्वे के दौरान एक महिला से बातचीत करते हेल्थ वर्कर। ब्राजील संक्रमण के लिहाज से दूसरे और मौतों के लिहाज से दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है। 

पेरू: रोज बढ़ता खतरा
गुरुवार को यहां 137 लोगों की मौत हुई। इसके साथ ही मरने वालों का आंकड़ा 5 हजार 031 हो गया। संक्रमण के नए मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। 24 घंटे में 4 हजार 284 नए मामले सामने आए। अब कुल आंकड़ा एक लाख 83 हजार 198 हो गया है। लैटिन अमेरिका में ब्राजील के बाद पेरू ही सबसे ज्यादा प्रभावित है। सरकार ने कई उपाय किए हैं लेकिन, अब तक इनसे ज्यादा फायदा नहीं हुआ। इसकी वजह यह कि यहां लोगों ने लॉकडाउन का गंभीरता से पालन नहीं किया। अब डब्ल्यूएचओ की एक टीम यहां दौरा करने वाली है। 

पेरू में गुरुवार को 137 लोगों की मौत हुई। यहां अब मरने वालों का आंकड़ा 5 हजार 031 हो गया है।

अमेरिका: प्रर्दशनकारी टेस्ट कराएं
अमेरिका में संक्रमण का सबसे ज्यादा असर न्यूयॉर्क राज्य पर पड़ा है। मुश्किल तब और बढ़ गई जब अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन हुए। ये अब भी जारी हैं। इनमें ज्यादातर लोगों ने मास्क नहीं पहने। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तो बिल्कुल नहीं हुआ। अब गवर्नर एंड्रू क्यूमो ने कहा है कि विरोध प्रर्दशन में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों को टेस्ट कराना चाहिए। क्यूमो के मुताबिक, करीब 30 हजार लोगों को टेस्ट कराना चाहिए। प्रशासन इसके लिए नियम भी बना सकता है।  

इंग्लैंड: नया नियम
बोरिस जॉनसन सरकार ने साफ कर दिया है कि 15 जून से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने वाले सभी लोगों को मास्क लगाना जरूरी होगा। हालांकि, इसमें बच्चों, बुजुर्गों या सांस की बीमारी वाले लोगों को दूर रखा गया है। ब्रिटेन के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ग्रांट शेपर्स के मुताबिक, संक्रमण कम करने के लिए यह बेहद जरूरी है कि लोग खुद जिम्मेदारी समझें। शेपर्स ने कहा कि जिन ट्रेनों को बंद किया गया था वो 15 जून से फिर शुरू की जा सकती हैं। इसके अलावा बस सर्विस भी फिर शुरू की जाएगी। इन सभी साधनों में सरकार के वॉलेंटियर्स तैनात किए जाएंगे।   

अमेरिका: खतरा टला नहीं
सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन यानी सीडीसी के मुताबिक, अगर दम तोड़ने वालों की यही रफ्तार रही तो 27 जून तक अमेरिका में मरने वालो का आंकड़ा एक लाख 27 हजार से ज्यादा हो जाएगा। सीडीसी का यह आंकलन 20 संस्थानों के शोध पर आधारित है। हालांकि, रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि आने वाले हफ्तों में संक्रमण और मौत का आंकड़ा कम भी हो सकता है।



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