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वाट्सएप्प पर की जा रही मुद्रा स्कॉलरशिप योजना के नाम पर ठगी, पड़ताल में सामने आया इस नाम की कोई स्कॉलरशिप ही नहीं


  • क्या वायरल : ‘लॉकडाउन पीएम मुद्रा शिशु योजना स्कॉलरशिप 2020’ के नाम पर छात्रों से फॉर्म भरवाए जा रहे हैं
  • सच्चाई : इस नाम से कोई स्कॉलरशिप नहीं दी जाती। आवेदन शुल्क के नाम पर ठगी हो रही है

दैनिक भास्कर

Jun 04, 2020, 07:47 PM IST

लॉकडाउन में रोजगार ठप होने से कई अभिभावकों के सामने बच्चों की फीस भरने का संकट खड़ा हो गया है। इसको देखते हुए कुछ राज्य सरकारों ने स्कॉलरशिप की पुरानी योजनाओं के तहत अटकी हुई राशि को इस समय जारी करने का फैसला भी लिया है। 

इसी बीच कुछ लोग लॉकडाउन के दौरान स्कॉलरशिप के नाम पर छात्रों के साथ ठगी कर रहे हैं। यह ठगी छात्रों को वॉट्सएप्प मैसेज भेजकर की जा रही है। अगर आप छात्र या अभिभावक हैं, तो इससे सतर्क रहने की जरूरत है।

क्या वायरल : वॉट्सएप्प पर वायरल हो रहे मैसेज के अनुसार, मुद्रा शिशू योजना के अंतर्गत छात्रों को आर्थिक मदद दी जाती है। मैसेज में दावा किया गया है कि यह स्कॉलरशिप सिर्फ लॉकडाउन की अवधि के लिए है। 

– मैसेज के साथ एक फॉर्म भी है, जिसे भरकर एजेंट को देना है। इसमें विभिन्न श्रेणियों के तहत 88 रुपए तक आवेदन शुल्क वसूला जा रहा है।

वॉट्सएप्प पर वायरल हो रहे मैसेज के अंश

वॉट्सएप्प पर इस मैसेज के जरिए छात्रों से फॉर्म भरवाए जा रहे हैं 

– छात्रों से यह फॉर्म भरवाया जा रहा है।

फैक्ट चेक पड़ताल 

– वायरल मैसेज में ‘लॉकडाउन पीएम मुद्रा शिशु योजना स्कॉलरशिप 2020’ नाम से स्कॉलरशिप दिए जाने का दावा किया गया है। सबसे पहले हमने इस नाम की पड़ताल के लिए मुद्रा योजना की सरकारी वेबसाइट देखी।

– वेबसाइट पर दी गई जानकारी से पता चलता है कि मुद्रा स्कीम के तहत युवाओं को स्वरोजगार के लिए बढ़ावा देने के उद्देश्य से लोन दिया जाता है। 

– वेबसाइट के ऑफरिंग नाम के सेक्शन में स्पष्ट उल्लेख है कि किन माध्यमों से युवाओं की सहायता की जाती है। इसमें स्कॉलरशिप का कोई जिक्र नहीं है। 

वेबसाइट की इस जानकारी से यह स्पष्ट होता है कि मुद्रा योजना के अंतर्गत कोई स्कॉलरशिप नहीं दी जाती 

– अब सवाल उठता है कि वायरल मैसेज में ‘मुद्रा शिशू ‘ का नाम कहां से उठाया गया ? इसका जवाब भी सरकारी वेबसाइट पर ही मिलता है। 

– मुद्रा योजना को तीन कैटेगरी में बांटा गया है: शिशु, किशोर और तरुण। शिशु योजना के तहत 50,000 रुपए तक का, किशोर के तहत 5 लाख रुपए तक का और तरुण योजना के तहत 10 लाख तक के लोन दिए जाते हैं।

– यानी यहां शिशु शब्द का अर्थ छोटी राशि से है। ‘मुद्रा शिशु’ नाम का गलत अर्थों में इस्तेमाल करके वायरल मैसेज में यह दावा किया जा रहा है कि यह छात्रों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है।

 निष्कर्ष : मुद्रा योजना के तहत स्कॉलरशिप का कोई प्रावधान नहीं है। ठगी करने वाले लोगों से सावधान रहें।

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