National News

India TV Exclusive: प्लाज्मा डोनेशन के नाम पर COVID मरीजों के साथ हो रही है ठगी


Image Source : INDIA TV
India TV Exclusive:  प्लाज्मा डोनेशन के नाम पर COVID मरीजों के साथ कैसे हो रही है ठगी

नई दिल्ली: कोरोना वायरस से जहां पूरी दुनिया के लोग परेशान हैं वहीं इस महामारी के नाम पर कुछ ऐसे भी लोग हैं जिनके काले धंधे की हकीकत जानकर आप चौंक जाएंगे। यह गुनाह कोरोना पेशेंट के लिए ब्लड प्लाज्मा डोनेशन के नाम पर हो रहा है। आजकल कई जगह कोरोना के क्रिटिकल पेशेंट के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल होता है। ठीक हो चुके कोरोना पेशेंट से बार-बार ब्लड प्लाज्मा डोनेट करने की अपील की जा रही है, लेकिन सच ये है कि कोरोना पेशेंट के लिए ब्लड प्लाज्मा के डोनर आसानी से नहीं मिलते। बस इसी मजबूरी का फायदा उठाकर दिल्ली से मुंबई तक फर्ज़ी प्लाज्मा डोनर का गैंग एक्टिव हो गया है। 

यह गैंग सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए लोगों को लूटता है। कोरोना मरीज़ों के रिश्तेदार परेशानी के हालत में अपने पेशेंट के लिए ब्लड प्लाज्मा के डोनर ढूंढते हैं और इसी मजबूरी का फायदा उठाकर साइबर फ्रॉड उन्हें अपने जाल में फंसा लेते हैं। ऐसे रैकेट के चंगुल में फंसे लोगों के पैसे तो लुट जाते है लेकिन उनके पेशेंट के लिए प्लाज्मा नहीं मिलता है। अगर प्लाज्मा मिलता भी है तो उसकी कोई गारंटी नहीं है कि वो प्लाज्मा किसी ठीक हो चुके कोरोना पेशेंट का ही हो।

इस तरह की गड़बड़ और जालसाजी की रिपोर्ट्स सबसे ज्यादा मुंबई से आ रही है। लोगों ने साइबर क्राइम डिपार्टमेंट में फर्जीवाड़े की कई कंप्लेन की हैं। मुंबई में कोरोना का भयंकर इन्फैक्शन है। यहां अभी तक 96 हज़ार से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 5400 लोगों की मौत भी हो चुकी है। जो एक्टिव पेशेंट्स हैं और जिनकी हालत ज्यादा सीरियस नहीं है उनके लिए महाराष्ट्र की सरकार ने प्लाज्मा थेरेपी प्रोग्राम शुरु किया है। लेकिन प्लाज्मा की डिमांड ज्यादा होने की वजह से ठगों और जालसाजों को इस स्पेस में घुसने का मौका मिल गया। खासकर सोशल मीडिया पर साइबर क्रिमिनल्स एक्टिव हो गए और मुंबई पुलिस के पास ऐसे कंप्लेंट्स आने लगी हैं जिसमें कुछ हेल्दी लोग..यानी बिना कोरोना वायरस से संक्रमित लोग इन साइबर क्रिमिनल्स के जरिए डायरेक्टली..उन लोगों से कॉन्टैक्ट कर रहे हैं जिन्हें खुद के लिए या अपने रिश्तेदारों के लिए प्लाज्मा की जरूरत है। 

ये लोग वॉट्स ऐप पर ग्रुप बनाकर मैसेज प्रसारित करते हैं कि अगर किसी को कोविड 19 से ठीक हो चुके मरीजों के प्लाज्मा की जरूरत है..तो सीधा कॉन्टैक्ट करें। ऐसे कई ग्रुप सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं और लोग इनके झांसे में फंस जाते हैं। चूंकि प्लाज्मा डोनेट करने के लिए रिकवरी रिपोर्ट के साथ फिटनेस सर्टिफिकेट की भी जरूरत होती है, इसे लेकर साइबर क्रिमिनिल्स फर्जी सर्टिफिकेट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। अच्छे खासे लोगों को कोरोना से रिकवर बताने वाले सर्टिफिकेट बना रहे हैं और फिर इन्हीं सर्टिफिकेट्स और रिपोर्ट्स के जरिए लोगों से हजारों रुपए वसूल रहे हैं। इंडिया टीवी रिपोर्टर जयप्रकाश सिंह ने इस पूरे स्कैम को समझने के लिए साइबर क्राइम के आईजी से बात की। उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर 10 लाख रुपए तक में प्लाज्मा की ब्लैक मार्केटिंग हो रही है। 

कोरोना से जंग : Full Coverage

India TV पर देश-विदेश की ताजा Hindi News और स्‍पेशल स्‍टोरी पढ़ते हुए अपने आप को रखिए अप-टू-डेट। Live TV देखने के लिए यहां क्लिक करें। National News in Hindi के लिए क्लिक करें भारत सेक्‍शन


Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close
Close