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RIL ने किया 5G तकनीक का ऐलान, जानिए 5G से जुड़े हर सवाल का जवाब



facts about 5G - India TV Hindi

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facts about 5G 

नई दिल्ली। ऱिलायंस इंडस्ट्रीज ने आज अपनी AGM में 5G तकनीक को लाने की योजना का ऐलान किया है। इस ऐलान को घरेलू तकनीक के विकास में बड़ा अहम कदम माना जा रहा है। आखिर 5जी तकनीक है क्या और क्यों इसकी चारों तरफ चर्चा हो रही है जानिए ऐसे ही कुछ जवाबों के आसान भाषा में जवाब

क्या है 5G ?

5 जी का मतलब है पांचवी जेनरेशन की तकनीक यानि कि मोबाइल नेटवर्क की पांचवी पीढी। दरअसल कम्युनिकेशन टेकनोलॉजी में ऐसे नए बदलाव या कॉन्सेप्ट जो आगे की नई तकनीकों के लिए आधार बनते हैं तो उन्हे नई पीढी की तकनीक कहा जाता है। फिलहाल मोबाइल नेटवर्क की पांचवी पीढी के हिसाब से दुनिया में बदलाव हो रहा है, हालांकि रिसर्च इसके आगे की पीढ़ी को लेकर जारी है।

क्या थी पिछली पीढियां ?

पहली जेनरेशन यानि 1G की शुरुआत 1980 के दशक में हुई थी । 1G एनॉलॉग टेक्नोलॉजी पर आधारित थी। इसकी अधिकतम स्पीड 2.4 केबीपीएस थी।

दूसरी जेनरेशन में सिग्नल डिजिटल थे, इस जेनेरेशन में CDMA और GSM के कॉन्सेप्ट सामने आए। 2G 1991 में लॉन्च हुआ था। आज के दौर में फोन की सबसे बेसिक सेवा एसएमएस, इंटरनल रोमिंग, कॉन्फ्रेंस कॉल, कॉल होल्ड और सेवाओं के आधार पर बिलिंग 2जी की वजह से ही सामने आईं।

3जी यानि स्मार्टफोन जेनेरेशन 2001 से लॉन्च हुईं। इस जेनेरेशन के विकास की मदद से डेटा कॉस्ट को कम करने में मदद मिली या फिर कहें कि इसमें मोबाइल डेटा की शुरुआत की।

2010 से शुरू हुए 4जी से मोबाइल ब्रॉडबैंड का युग शुरू हुआ।

क्या हैं 5G की खासियतें ?

5G का डिजाइन इस तरह किया गया है कि वो नई सेवाओं को सहारा दे सके, जिसमें मिशन क्रिटिकल कम्युनिकेशंस और इंटरनेट ऑफ थिंग का इस्तेमाल शामिल है। मिशन क्रिटिकल कम्युनिकेशंस में उन जगहों पर भी तेजी के साथ सूचना के संचार की शर्त होती है जहां आम तकनीकें खास कारगर न हों जैसे माइंस, इमरजेंसी, पब्लिक सेफ्टी, पावर कंपनियां। वहीं इंटरनेट ऑफ थिंग वास्तव में जरूरी उपकरणों में लगी स्मार्ट डिवाइस होती हैं जो एक नेटवर्क से जुड़ कर अपने स्तर पर सूचनाओं को भेजती हैं या निर्देश पाती हैं जिससे वो अपने स्तर पर ही रूटीन या खास काम को सटीक तरीके से पूरा करें। ये खास डिवाइस घरों में रोजमर्रा का काम करने वाले उपकरण से लेकर अस्पतालों में लगे खास उपकरण भी हो सकते हैं   

वहीं 5 जी 4जी के मुकाबले स्पेक्ट्रम का बेहतर इस्तेमाल करती है, जिससे उसकी क्षमता काफी बढ़ जाती है। 5जी से 20जीबीपीएस की अधिकतम स्पीड मिल सकती है। सीधे शब्दों में कहें तो 5जी की मदद से इंटरनेट की डाउनलोड और अपलोड स्पीड कई गुना तेज हो जाएगी। वहीं इसकी मदद से कई ऐसी इंटरनेट आधारित तकनीकें आम जीवन का हिस्सा बन जाएंगीं, जो फिलहाल बेहद आधुनिक मानी जाती हैं।  फिलहाल 5G का इस्तेमाल हेल्थकेयर, कंस्ट्रक्शन, सेफ्टी से लेकर इंटरटेनमेंट को बेहतर बनाने में किया जा रहा है।

अर्थव्यवस्था पर क्या होगा 5G का असर

जियो में निवेश करने वाली 5G तकनीक में माहिर कंपनी Qualcomm के मुताबिक 5G का अर्थव्यवस्थाओं पर पूरा असर 2035 से दिखने लगेगा। उस समय तक दुनिया भर इंडस्ट्री में इस तकनीक का असर 13 लाख करोड़ डॉलर के बराबर हो सकता है। इससे 2.2 करोड़ लोगों को नौकरी मिलने की उम्मीद है। 

कहां 5G का हो रहा इस्तेमाल

फिलहाल चीन, अमेरिका, जापान दक्षिण कोरिया जैसे देशों में इस तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। तकनीक की मदद से रोबोटिक्स, ड्रोन, ड्राइवरलेस कार, मेडिकल साइंस, स्मार्ट सिटी को करीब 100 फीसदी सटीक और तेज बनाने की दिशा में काम जारी है।

आम लोगों को क्या होगा फायदा

ट्रैफिक बढ़ने पर साइट्स के क्रैश होने की समस्याएं खत्म होंगी, फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन ज्यादा तेज और सुरक्षित होंगे, वीडियो क्वालिटी ज्यादा बेहतर होगी, चंद सेंकंड्स में घंटों के वीडियो डाउनलोड होंगे, बेहद दूरदराज के इलाकों में भी सिग्नल की समस्या खत्म होगी, साइट्स कई गुना ज्यादा ट्रैफिक संभाल सकेंगी, वहीं वीडियो गेमिंग अपने नए लेवल पर पहुंच जाएगी।

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